Thursday, December 27, 2012

nhi hai kuchh nya taza, yahan sab kuchh purana hai

नही है कुछ नया ताज़ा,
यहाँ सब कुछ पुराना है,
वही है मेरी तन्हाई,
वही उसका दिया गम,
वही मेरा दर्द-ऐ-दिल,
वही खून-ऐ-तमन्ना,
वही पलकों की नाम कोरें,
वही आँखों में चाँद आंसू,
वही तेरी याद के मौसम,
वही तेरे ख्याल के बादल,
नही है कुछ नया ताज़ा,
वही सब कुछ पुराना है,
वही तेरा नाम होठों पर,
वही सपने तेरे, आँखों में,
वोही मयखाना,
वही बोतल,
वही साकी,
वही अंदाज़-ऐ -मयखाना,
अंदाज़ तक बैठने का,
वही पुराना है,
वही माथे पर लकीरे ,
तमन्ना तुझसे मिलने की,
कुछ नही बदला,
यहाँ सब कुछ पुराना है,
नही है कुछ नया ताज़ा,
यहाँ सब कुछ पुराना है
कवी- मन्नू अनखीरिया

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